जिंदगी की तपन से बचा रखे हैं,
निहायत जुदा है मेरे भीगे ज़ज्बात.
कितनी आसानी से पूछ लिए थे तूने,
जिंदगी के सबसे मुश्किल सवालात.
अभी न बरसो ए घटायें मुझपर,
अच्छे नहीं अभी मेरे हालात .
ख़िज़ां की खुमारी तारी है मुझपर,
कभी होश में होंगे तो करेंगे बात.
बाकी है खाक को अर्श चूमना अभी,
है यकीनन तदबीर में वो करामात.
______________अमर सिंह तंवर (03.06.2013 )

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