Wednesday, 5 June 2013

मुस्कुरायेंगी वसुंधरा


विश्व पर्यावरण दिवस पर सप्रेम ...

पारदर्शी कलेवर में लिपटे ,
निर्जीव फूल
अक्सर बनते है शोभा
हर अवसर की ,
मुस्कुराते चेहरे
आदान प्रदान करते
दुआओं के साथ ...

सार्थक हो जाती
यकीनन दुआएं
गर देने लगें लोग ,
एक नन्हा पौधा
सजीव,संभावनाओं
से भरपूर,

महकते रहेंगे  रिश्ते,
ताउम्र ,पीढ़ी दर पीढ़ी
जब जब आयेंगे
फूल,या लदेंगा  फलों से
आपका  दिया
संभावनाओ  भरा
सजीव उपहार.
मुस्कुरायेंगी
वसुंधरा
___________Copyright अमर सिंह तंवर 

1 comment:

  1. बहुत सुन्दर.....
    गुनगुनाती मुस्कुराती वसुंधरा....

    अनु

    ReplyDelete