Thursday, 9 May 2013

जियो कुछ इस अंदाज़ से "अमर" मरने का गम न रहे ,
जिंदगी के मकान में खुशियों के किरायेदार कम न रहे 
मुस्कुराहटों के रंगीं लिफाफों में किराये से लम्हे आते रहें 
हर साल खुशियों के मकां को मंजिल दर मंजिल बढ़ाते रहें !!... © अमर.

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