Saturday, 25 May 2013

मन मुसाफिर : थका सूरज

मन मुसाफिर : थका सूरज: थका सूरज , अभी अभी  क्षितिज पे जाके टंग गया, पसीना उसका लहू बनकर , सागर को लाल कर  गया, पूछा मैंने  क्या मिला तुम्हे  इस त...

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